क्रेडिट कार्ड फ्रॉड - द अल्टीमेट गाइड

Posted by  Fintra , updated 2020-12-30

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड - द अल्टीमेट गाइड

क्रेडिट कार्ड हमारे और हमारी रोज़ाना ज़िन्दगी में एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। हम अपन पर्स ले जाना भूल सकते हैं, लेकिन मोबाइल और क्रेडिट कार्ड नहीं ! जहां कहीं भी, जब भी हम कुछ भी खरीदना या दर्ज करना चाहते हैं, हमारा यह छोटा मित्र हमेशा हमारी सहायता के लिए आता है। महत्वपूर्ण समय में जब तुरंतरूपये की जरूरत होती है, तब हम एटीएम मशीन से क्रेडिट कार्ड की मदद से जितना चाहें उतना रूपये निकाल सकते हैं I

हालांकि, जब हम गलती से क्रेडिट कार्ड को खो देते हैं या उसे ग़लत जगह रख देते हैं तो क्या करें ? क्या होगा अगर यह गलत हाथों में चला जाता है तो? यहनिश्चित रूप से धोखेबाज़ के लिए बेहद संतुष्टि की बात होगी, लेकिन कार्डधारक के लिए एक बुरा सपना होगा ! इस ब्लॉग में, हम आपके ज्ञान को बढ़ाने औरऐसे बुरा सपना को रोकने के लिए अपने रास्ते पर मार्गदर्शन करेंगे।

जिन विषयों पर आप इस पोस्ट में जानकारी प्राप्त करेंगे, वे हैं:

  1. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड क्या है?
  2. आइडेंटिटी थेफ्ट क्या है?
  3. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड कैसे होता है?
  4. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के प्रकार
  5. आगामी क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से खुद को बचाने और सुरक्षित रखने के उपाय
  6. अगर आपका क्रेडिट कार्ड खो गया है या चोरी हो गया है तो ये 5 कदम उठाएँ 

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड क्या है ?

                            क्रेडिट-कार्ड-फ्रॉड

डिजिटल दुनिया ने हमें कुछ बढ़िया बढ़िया प्रभाव दिए हैं, लेकिन अच्छे के साथ-साथ इसका कुछ बुरे प्रभाव भी हैं। आज की डिजिटल दुनिया में, यह एक बड़ानकारात्मक प्रभाव लाया है यह क्रेडिट कार्ड फ्रॉड और आईडी थेफ्ट को लाया है I ये लगातार बढ़ रहे हैं जैसा कि हम इनके बारे में बोलते भी हैं I सरल शब्दों में, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड वह धोखाधड़ी होती है जिसमें कोई निषिद्ध रूप से चोरी या अनुपयुक्त क्रेडिट कार्ड (या कार्ड संख्या) का उपयोग कर खरीद करता है।

इंटरनेट के आविष्कार और इसके साथ आई ई-कॉमर्स वेबसाइट्स की अनंत सप्लाई से, क्रेडिट कार्ड घोटाले करने वालों के लिए आपका ब्यौरा चुराना और भीआसान हो गया है। वास्तव में, उस समय से पहले जब इंटरनेट समाज में आया था, हमने एक काले कपड़े पहने हुए आदमी को जेब से कार्ड चुराने के रूप मेंक्रेडिट कार्ड फ्रॉड की कल्पना की थी। हालांकि, आजकल इन स्कैमर्स के पास क्रेडिट कार्ड से स्वाइप करने के लिए बहुत चालें और तरीके हैं, और ज्यादातरसमय फ्रॉड करने के लिए उन्हें व्यक्ति के फिज़िकल कार्ड की आवश्यकता भी नहीं होती है। क्रेडिट कार्ड चुराने के अलावा धोखेबाज व्यक्ति निषिद्ध लेन देन करनेके लिए व्यक्तिगत क्रेडिट कार्ड खाता संख्या, पिन और सिक्योरिटी कोड भी चोरी कर सकते हैं। ऐसे गैरकानूनी सौदा को कार्ड-नॉट-प्रज़ेंट फ्रॉड कहते हैं I

क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी वास्तव में आइडेंटिटी थेफ्ट्स का सबसे आम प्रकार है और भारत में क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता के साथ, यह आश्चर्य की बात नहीं है किलाखों उपयोगकर्ता हर साल इस क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से पीड़ित होते हैं। हमें धोखाधड़ी के ऐसे आरोपों से बचाने के लिए सरकार और वित्त-संबंधी संस्थानों नेविशेष कानून तैयार किए हैं। उदाहरण के लिए, कुछ कानून बताते हैं कि आपको निषिद्ध रूप से क्रेडिट कार्ड के उपयोग के लिए न्यूनतम राशि का भुगतान करनापड़ सकता है। इसके अलावा, यदि कार्ड खो जाता है, तो कोई और इस्तेमाल करे इससे पहले आपको नुकसान की रिपोर्ट करनी होगी - तुरंत रिपोर्ट करके आपनिषिद्ध शुल्क के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। यदि कोई धोखेबाज आपके क्रेडिट कार्ड नंबर को चुरा लेता है, लेकिन कार्ड नहीं, तो कार्डधारक पर बिल्कुल कोईदायित्व नहीं है।

आइडेंटिटी थेफ्ट क्या है ?

आइडेंटिटी थेफ्ट आपके नाम, जन्मदिन, पैन या आधार कार्ड नंबर, क्रेडिट कार्ड नंबर या और भी बहुत कुछ का गैरकानूनी उपयोग करना है, ताकि पहले से मौजूदक्रेडिट खातों का उपयोग किया जा सके या आपके नाम से नए खाते खोले जा सकें। जब ऐसा होता है, तो अपराधियों को अपने क्रेडिट की खर्च करने के अधिकार  पर कब्जा करने के लिए मिलता है, और आप इस विस्तृत बिल के साथ अटक जाते हैं I

                              क्रेडिट-कार्ड-थेफ्ट

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड कैसे होता है ?

धोखेबाजों के पास आपके क्रेडिट कार्ड नंबर को पाने के कई तरीके हैं  :

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के प्रकार

काम के हर क्षेत्र में, रचनात्मकता हमेशा मौजूद है, और फ्रॉड के क्षेत्र में भी ऐसा होता है। फैशन डिजाइनर की तरह धोखेबाज भी रचनात्मक होते हैं। वे आपकीनिजी जानकारी जानने और अच्छे क्रेडिट को नष्ट करने के लिए विभिन्न तरीकों का आविष्कार कैसे करते हैं, यह बहुत ही चकित करने वाले है, कुछ तरीके यहाँशामिल हैं :

  1. कार्ड-नॉट-प्रज़ेंट (सीएनपी) फ्रॉड - यह फ्रॉड केवल फिज़िकल कार्ड के इस्तेमाल के बिना ही होता है, और यह मुख्य रूप से ऑनलाइन या फोन पर होता हैI चूंकि ईएमवी टेक्नोलॉजी के कारण पॉइंट-ऑफ-सर्विस फ्रॉड में कमी आई है, कार्ड-नॉट-प्रज़ेंट फ्रॉड में बढ़ोत्तरी हुई है I इस फ्रॉड में, क्रेडिट कार्ड नंबर औरकार्डधारक के नाम जैसी बेसिक सूचना की आवश्यकता अपराधियों को होती है I इस जानकारी के हाथ में आते ही, वे मेल ऑर्डर या ऑनलाइन फ्रॉड कर सकतेहैं I 
  1. क्रेडिट कार्ड चुराना - जिस पल में आपकी नज़र हटती हैं, आप अपने पर्स को फ्री छोड़ते हैं! आपका पर्स एक भीड़ में गायब हो जाता है, अगर आप अपनेपर्स को ज़िप-अप करना भूल जाते हैं, तब कोई भी आपका पर्स उसमे से चुरा सकता हैI यह दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि जब आपका क्रेडिट कार्ड चोरी होजाए तो कार्ड जारीकर्ता को तुरंत रिपोर्ट करें।

 

  1. खोए हुए या पाए हुए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना - दुर्घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं और जब भी वे होती हैं, तब आपका कार्ड आपकी जेब से गिरसकता है। जब भी इसे प्राप्त करे हो सकता है कि वह इसे इस्तेमाल करने की कोशिश करे । इसलिए आपको हमेशा खोये हुए कार्ड्स के बारे में अपने क्रेडिटकार्ड जारीकर्ता को सूचित करना चाहिए ताकि आपके क्रेडिट को किसी व्यक्ति के द्वारा पहुँचने वाले गंभीर नुकसान की संभावना को कम किया जा सके I 
  1. अकाउंट टेकओवर - धोखेबाज आपकी पर्सनल जानकारी जैसे कि आपके घर का पता, माताजी का प्रथम नाम, आदि प्राप्त कर लेते हैं, वे आपके क्रेडिटकार्ड जारीकर्ता से सम्पर्क भी कर सकते हैं और ये जताने की कोशिश कर सकते हैं कि वे आप हैं। इसके बाद वे दावा कर सकते हैं कि आपका कार्ड खो गया हैया चोरी हो गया है, या आपका पता बदल चुका है, और कार्ड जारीकर्ता को नया कार्ड भेजने के लिए कहें। कुछ जारीकर्ता आपको वर्वल पासवर्ड रखने में सक्षमबनाते हैं, और यह तरीका आपको इस प्रकार के फ्रॉड को रोकने में सक्षम बनाता है।

 

  1. काउन्टर्फिट और स्किमिंग फ्रॉड - ऐसा फ्रॉड तब होता है जब क्रेडिट कार्डधारक की जानकारी अवैध रूप से एक क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए लिया जाता है ।अब बैंकों द्वारा इस प्रकार के फ्रॉड को कम करने के लिए अब चिप-एंड-पिन (ईएमवी) टेक्नोलॉजी को निर्मित किया है। 
  1. कार्ड-नैवर-अराइव्ड फ्रॉड - हालांकि क्रेडिट कार्ड कंपनियां पारगमन में रहने वाले नए कार्डों की सुरक्षा के लिए अत्यंत सावधानी बरतने की कोशिश करतीहैं। ऐसे कार्डों के साथ फ्रॉड होता है जिनका ऑर्डर ग्राहक द्वारा दिया गया है, परंतु वे कभी इसे प्राप्त नहीं करते।
  2. फॉल्स एप्लीकेशन फ्रॉड - ऐसा फ्रॉड तब होता है जब कोई अकाउंट किसी अन्य की आइडेंटिटी या जानकारी के इस्तेमाल से स्थापित हो जाता है।

                              क्रेडिट-कार्ड-फ्रॉड-प्रकार

फ्यूचर क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से खुद को बचाने और सुरक्षित रखने के उपाय 

धोखेबाज हर जगह होते हैं; उन्होंने क्रेडिट कार्ड उद्योग को एक सोने की खान या एक जगह के रूप में अपना लिया है जहां वे जल्दी पैसा कमा सकते हैं। हालांकिक्रेडिट कार्ड फ्रॉड योजना के शिकार होने के जोखिम को कम करना पूरी तरह कठिन है, फिंतरा यहां पर अपने आप को बचाने और अपने जोखिम को कम करने केलिए दिए गए विभिन्न उपायों का वर्णन करती है:

                              ऑनलाइन-फ्रॉड

                               फिशिंग-स्कैम्स

                           कार्ड-फ्रॉड

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